म्यूच्यूअल फंड क्या है ? यह कितने प्रकार के होते हैं What is Mutual Fund

म्यूच्यूअल फंड क्या है What is a mutual funds

दोस्तों जब आपकी हर महीने सैलरी आती है तो उस सैलरी का कुछ हिस्सा सेविंग्स sevings में रखते हैं कुछ पैसे आप हमेशा बाद में इस्तेमाल करने के लिए रखते हैं हो सकता है आप किसी इमरजेंसी के लिए या घर खरीदने के लिए या गाड़ी खरीदनी हो उसके लिए सेव करते होंगे आप तो शेविंग करने के क्या-क्या तरीके हो सकते हैं सबसे अच्छा तरीका यह है कि आपके बैंक में पैसे आए और उस पैसे को बैंक में पड़े रहने दिया और कलेक्टर होते रहने दिया यह बहुत बेकार तरीका है मित्रों क्योंकि पड़े हुए पैसे अपनी वैल्यू लॉस करते रहते हैं इंसुलेशन हमारे लिस्ट में बढ़ती रहती है जिसकी वजह से सारी चीजों की प्राइस बढ़ती रहती है तो आपके पैसों की जो वैल्यू है वह धीरे-धीरे कम होती रहती है चार पांच परसेंट से जो भी इंसुलेशन परसेंट है उस हिसाब से रखे गए पैसे अपनी वैल्यू लॉस ना करें इसके लिए लोग अपने फैसले को अलग-अलग जगह इन्वेस्ट कर देते हैं अलग-अलग जगह पर इन्वेस्टमेंट की जा सकती है हमारे देश में ऐसे चार जगह हैं जहां पर इन्वेस्ट किया जा सकता है

1 सेविंग्स अकाउंट savings account

2 फिक्स्ड डिपॉजिट fixed deposts ( fd )

3 गोल्ड या ज्वेलरी gold & jewellery

4 रियल एस्टेट real estate

अगर लोग कुछ ज्यादा ही रिस्क उठाना चाहते हैं तो स्टॉक मार्केट में भी पैसा लगा देते हैं यह भी एक तरह का इन्वेस्ट होता है

किसी भी इन्वेस्टमेंट में तीन चीजें होती है

1 रिटर्न Return

2 रिस्क Risk

3 टाइम Time

(1)Rreturn :- रिटर्न मतलब कितना परसेंटेज प्रॉफिट आप कमा रहे हो इन्वेस्टमेंट करके कितना मुनाफा आप कमा रहे हो नॉर्मल परसेंटेज में देखा जाता है कि अगर इंसुलेशन रेट चार परसेंट चल रहा है तो आपको यह देखना चाहिए कि आपका रिटर्न परसेंट है वह 4 परसेंट से ज्यादा ही होना चाहिए वरना आपको कोई फायदा नहीं हुआ वहां इन्वेस्ट करके क्योंकि आपने वहां पैसे इन्वेस्ट भी किया और आपके पैसे की वैल्यू बड़ी भी नहीं क्योंकि इंसुलेशन रेट उतनी ही तेजी से बढ़ती है

(2) Risk :- रिस्की मतलब की कितनी रिस्की है एक इन्वेस्टमेंट करना क्या चांसेस है कि आप सारे पैसे गवा दोगे वहां इन्वेस्ट करके और क्या चांसेस है कि लॉस में चले जाओगे वहां पर इन्वेस्ट करके

(3) Time :- और टाइम मतलब है कि आप कितने टाइम के लिए वहां पर इन्वेस्ट करते हो

तो बेसिक रूल्स यहां पर यह है कि अगर रिक्स ज्यादा है टाइम ज्यादा है तो रिटर्न भी ज्यादा होगा अगर आपको अपने पैसे के ज्यादा रिटर्न चाहिए तो आपको ज्यादा रिस्क भी उठाना पड़ेगा और ज्यादा टाइम के लिए भी इन्वेस्ट करना पड़ेगा

Which types of investments are best

(1) Saving account :-

सेविंग अकाउंट में सबसे कम रिस्क है और वहां पर कोई टाइम रिस्ट्रिक्शन restriction भी नहीं है जब चाहे आप पैसे निकाल सकते हो और डाल सकते हो लेकिन वहां पर रिटर्नस भी कम है सिर्फ और सिर्फ चार परसेंट जबकि कुछ साल में इंसुलेशन रेट रहा है 4 से 5 परसेंट

(2) fixed deposits :-

फिक्स डिपाजिट भी बहुत कम रिस्की होता है लेकिन वहां पर भी टाइम लिमिट होता है आप एक फिक्स टाइम के लिए ही पैसा जमा रख सकते हैं और टाइम से पहले अपने पैसे नहीं निकाल सकते इसलिए रिटर्न थोड़ा ज्यादा है कम से कम 7 या 8 परसेंट आपको रिटर्न मिल जाएगा फिक्स डिपॉजिट में

(3) gold & jewellery :-

गोल्ड और ज्वेलरी के इन्वेस्टमेंट में आज के टाइम में काफी ज्यादा रिश्ते हैं इनके प्राइस में काफी ज्यादा ऊपर नीचे होती रहती है 2012 तक तो लगातार बढ़ती ही जा रही थी गोल्ड का प्राइस अगर 2012 से पहले इन्वेस्टमेंट किए रहते तो काफी अच्छा रिटर्न का रेट मिलता लेकिन 2012 से लेकर आज तक बहुत ही ऊपर नीचे हुआ है लेकिन उन्होंने एक लेवल मेंटेन करके रखा है जिससे आपको ज्यादा रिटर्न का प्रॉफिट नहीं मिलता है

(4) real estate and property :-

घर खरीदने और प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट में बहुत कम रिस्क है आप पिछले कुछ सालों में इंडिया में घरों की प्राइस देख सकते हैं बहुत ही ज्यादा ऊपर नीचे होते रहा है मार्च 2011 का क्वाटर रेट था की 30% रिटर्न कर रहा था घरों में इन्वेस्ट करने से बहुत बड़ा डिसएडवांटेज यह है कि बहुत ज्यादा पैसे की जरूरत होती है लाखों करोड़ों रुपए आपके पास पहले से ही होने चाहिए कि आप इसमें इन्वेस्ट कर पाए तो यह बहुत बड़ा डिसएडवांटेज है

(5) stock market :-

स्टॉक मार्केट के बारे में आप लोगों ने सुना ही होगा इसमें आपको बहुत ज्यादा रिटर्न भी मिल सकता है और बहुत जयदा लॉस भी हो सकता हैं कितनी रिस्की है स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना यह डिपेंड करता है कि आपने कौन से स्टॉक में इन्वेस्ट किया है आपको इसके लिए बहुत नॉलेज की जरूरत है और स्टॉक मार्केट कैसा काम करता है अगर आपको इसमें नॉलेज नहीं है तो आपको इसमें इन्वेस्ट बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए

What are mutual funds ?

म्यूच्यूअल फंड एक स्पेशल तरह की इन्वेस्टमेंट होती है जिसकी वजह से आप सारी अलग अलग टाइप के इन्वेस्टमेंट की जा सकती है डायवर्सिफाइड इन्वेस्टमेंट कर सकते हो एक जगह इन्वेस्टमेंट करके

Asset management company

ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी का कंपनी होती है जो म्यूच्यूअल फंड खोलती है ऐसा होता है कि जब आप अपना पैसा ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी को देते हो तो और सभी लोग अपना अपना पैसा एसिड कंपनी को देते तो और कंपनी अलग-अलग जगह एक्सपर्ट की राय लेकर कंपनी इन्वेस्ट कर देते हैं जब इन्वेस्ट किया गया पैसा अलग-अलग जगह से रिटर्न देता है तो उस हिसाब से कुछ परसेंट अपने पास रखती है और बाकी सब पैसा आप सबको रिटर्न मिल जाती है उस रिटर्न रेट के हिसाब से पैसा मिल जाता है HDFC HSBC ICICI aditya birla reliance TATA यह कुछ उदाहरण है कंपनी और बैंक के जिन्होंने अपनी अपनी कंपनी के लिए पर्सनल ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी खोली है हर कंपनी अलग-अलग म्यूच्यूअल फंड निकालती है म्यूच्यूअल फंड कितने रिटर्न देती है और कितनी रिस्की होती है यह सब कुछ डिपेंड करता है कि आप कौन से म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्ट कर रहे हो अगर देखा जाए तो कम से कम 4 परसेंट का रिटर्न दे सकते हैं म्यूच्यूअल फंड और 30% से भी ज्यादा का रिटर्न दे सकती है म्यूच्यूअल फंड बहुत कम रिस्क वाले हो सकते म्यूच्यूअल फंड और बहुत हाई रिस्क वाले भी हो सकते हैं म्यूच्यूअल फंड यह सब डिपेंड करता है कि ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी कहां पर आपके पैसे इन्वेस्ट कर रही है अगर स्टॉक्स में इन्वेस्ट कर रहे है तो ज्यादा रिस्क होगी और ज्यादा रिटर्न भी होगा अगर वह कंपनी गवर्नमेंट में इन्वेस्ट कर रही है तो रिस्क भी कम होगी और आपको रिटर्न भी कम ही मिलेंगे

Types of mutual funds

एएमसी में बैठे हुए लोग आपके पैसे को कहां इन्वेस्ट कर रहे हैं इसके बेस मे बहुत सारे अलग-अलग टाइप के मैचुअल फंड होते है देखा जाए तो इससे तीन भागों में बांटा जा सकता है

1 Equity mutual funds

2 Debt mutual funds

3 Hybrid mutual funds

(1) Equity mutual funds :-

इक्विटी म्यूच्यूअल फंड वह फंड होते हैं जिसमें आपका पैसा स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट किया जाता है तो इसमें देखा जाए तो रिस्क भी ज्यादा होता है और रिटर्न भी ज्यादा होता है आप किस प्रकार की कंपनी और स्टॉक में इन्वेस्ट कर रहे हो अगर बड़ी कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हो तो उसे large cap equity fund कहते हैं और अगर छोटी कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हो तो उसे small cap equity funds कहते है और ऐसे ही होता है mid equity fund बड़ी कंपनी में सिर्फ कम रहता है छोटी कंपनी के हिसाब से देखें तो रिस्क और रिटर्न दोनों ही कम होती है बड़ी कंपनी में Groww एक यह एक ऐसा ऐप है जिसमें म्यूच्यूअल फंड के बारे में सारी जानकारी ले सकते हो आप इसमें सेट कर सकते हो कि हर महीने आपको कितना पैसा इन्वेस्ट करना है यहां पर या ध्यान रखे की यहां एक्सपेक्टेड रिटर्न है किसने कह रही थी नहीं दी है यह मैचुअल फंड पर डिपेंड करती है म्यूच्यूअल फंड ने अपने हिस्ट्री में जैसा रिटर्न दिया है वैसा ही आगे भी थे ऐसा नहीं है यह स्टॉक मार्केट पर डिपेंड करता है तो इसीलिए इसमें रिस्क तो होती ही है क्योंकि यह एक इक्विटी म्यूच्यूअल फंड है यार स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट की जा रही है

(2) Diversified equity funds :

इसमें क्या होता है कि लार्ज कैप मीडियम कैप स्मॉल कैप इन सब में थोड़ी थोड़ी इन्वेस्टमेंट की जाती है या फिर अलग-अलग कंपनी में स्प्रेड आउट करके इन्वेस्टमेंट की जाती हैं

(3) Equity linked saving scheme ( elss) :-

यह एक स्पेशल टाइप का इक्विटी फंड होता है जिसमें आप अपना टैक्स बता सकते हो इसमें आपको प्रॉफिट में लगा उसमें आप टैक्स बचा सकते हो इसका जो फंड मैनेजर होता है वह जानबूझकर ऐसे जगह इन्वेस्ट करता है हाई रिटर्न मिले और हाई रिस्क हो जहा आईडीएफसी एडवांटेज कहां है कि आप इसमें 11% रिटर्न दे सकता है 1 साल के अंदर ।

(4) Sector mutual funds :-

इसमें ऐसी कंपनी के स्टॉक्स में पैसे इन्वेस्ट किए जाते हैं बड़े से सेक्टर को बिलॉन्ग करती है जैसे कि एग्रीकल्चर सेक्टर हो गया तो एग्रीकल्चर के सेक्टर में जितने भी कंपनी है वह इन्वेस्ट किया जा रहा हो एक लॉजिक से ट्रांसपोर्ट का सेक्टर हो गया तो उस सेक्टर में इन्वेस्ट किया जा रहा हो इसका एक उदाहरण है कि यूटीआई ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक फंड तो वह सेक्टर में इन्वेस्टमेंट की जा रही हो यह फंड्स ज्यादा रिस्की होते हैं क्योंकि एक्स फैक्टर में इन्वेस्टमेंट की जा रही हो तो उस सेक्टर में गिर रहा है या नीचे जा रहा है सब कुछ उस पर डिपेंड करता है

(5) Index funds :-

इंडेक्स फंड passively मैनेज फंड होते हैं मतलब इसमें फंड में AMC का कोई फंड मैनेजर बैठ के यह नहीं देख रहा होता कि मुझे पैसे यहां डालना है इसकी वहां डालना है अब मुझे इन्वेस्ट करना चाहिए फैसिलिटी मैनेज होती है मतलब जैसे मार्केट का रेट ऊपर जा रहा है या नीचे जा रहा है उसके हिसाब से यह भी ऊपर नीचे जाते रहते हैं यह सेंसेक्स और निफ्टी के प्राइस को देख कर ऊपर नीचे होते रहते हैं

Typs of debt mutual funds

यह सेकंड केटेगरी म्यूच्यूअल फंड की जो होती है debt म्यूच्यूअल फंड वह म्यूच्यूअल फंड होते हैं जिसमें डेप्ट इंस्ट्रूमेंट में इन्वेस्ट किया जाता है डेट म्युचुअल फंड से फंड होते हैं जिसमें बॉन्ड debenture हो गया यह सब debt mutual funds मे आते है

Bonds क्या होते है

जब सरकार को पैसे की जरूरत होती है और नहीं मिल रहे होते है बजट में से पैसे नहीं मिल रहे होते है तो सरकार लोगों से पैसे लेती है मतलब सरकार आम जनता से लोन लेती है उसे bonds कहा जाता है। आप इस चीज में इन्वेस्ट कर सकते हैं आप सरकार को पैसा दे सकती और सरकार आपको fixed intrest करके आपको पैसा लौट आएगी

(1) liquid funds :-

लिक्विड फंड वह फंड होती है जिसमें बहुत ही आसानी से जल्दी से जल्दी सकता cash में कन्वर्ट कराया जा सकता है 1 से 2 दिन में इसको कैश में कन्वर्ट कराया जा सकता है और इसमें बहुत ही लो रिस्क होता है इसमें इतना लोर इसका होता है कि आप इसको सेंड अकाउंट समझ सकते हैं

(2) Gilt funds :-

गिल्ट फंड वह फंड होते हैं जिसमें गवर्नमेंट issued बॉन्ड्स में इन्वेस्ट किया जाता है क्योंकि सरकार आपके पैसे बौरो कर रही है तो टेक्निकली इसमें जीरो रिस्क है क्योंकि ऐसा कभी नहीं होता कि सरकार आपके पैसे ना लौट आए ज्यादा से ज्यादा यह हो सकता है कि आपके इंटरेस्ट के पैसे ऊपर नीचे हो

(3) Fixed maturity plan :-

Fixed मैच्योरिटी प्लान को आप अल्टरनेटिव समझ सकते हो फिक्स डिपाजिट का क्योंकि इन में एफडी इतना ही लो रिस्क होता है इसमें एक फिक्स्ड टाइम के लिए किया जाता है जिसके पहले पैसे नहीं निकाल सकते आप

What are hybrid mutual funds

यह तीसरी कैटेगरी है म्यूच्यूअल फंड की हाइब्रिड म्युचुअल फंड यह मिक्स फंड होते हैं debt + equity पूछना चाहते हैं तो अपने पैसे स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करें लेकिन सारे पैसे एक ही जगह इन्वेस्ट ना करें कुछ पैसा है debt इंस्ट्रूमेंट में इन्वेस्ट करे तो ही यहां हाइब्रिड म्यूच्यूअल फंड उसी के लिए होते हैं

आज हमने सीखा

मैं आशा करता हूँ आप लोगों को ( mutual fund ) के बारे में समझ आ गया होगा. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा.

मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.लेकिन फिर भी अगर आपको हमारी इस पोस्ट mutual fund क्या है in hindi में कहीं कोई कमी दिखाई दे तो कृपया कमेंट बॉक्स में अपनी राय दे और हमें उस कमी को सुधारने में मदद करें ,धन्यवाद.यदि आपको मेरी यह लेख अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

Leave a Comment